bulbulYour child, in every story

हारने के बाद फिर दौड़ना

हार अंत नहीं। फिर धीरे दौड़ना काम है।

अगलीसोने की कहानी
कहानी पढ़ें

हाय Aavya। सीटी बजी, और Aavya सबसे पीछे रहा। धूल में बैठ गया। लगा, यहीं रुक जाऊँ तो शर्म छोटी हो जाएगी। क्यों नहीं हुई? क्योंकि शर्म कदम रोकती है, मिटती नहीं। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण भी उस दिन आखिर में आए थे। वह उठे और मुस्कुराए। पदक तुम्हारा काम नहीं है। रास्ता तुम्हारा काम है। पहले धीरे दौड़ो, फिर थोड़ा तेज़। Aavya उठा और उसी रास्ते पर चला। Aavya, हारना अंत नहीं। फिर कोशिश करना कहानी है।

सारी कहानियाँ