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एक छाते की कहानी

पूरा सूखा रहना ज़रूरी नहीं। साथ भीगना भी बाँटना है।

अगलीखोया बछड़ा
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हाय Aavya। अचानक बारिश हुई। छाता सिर्फ़ Aavya के पास था। Aavya तेज़ चला, ताकि खुद सूखा रहे। दोस्त भीगने लगा। क्यों यह आधा हल था? क्योंकि तेज़ कदम छाते को एक तरफ़ खींच लेते हैं। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण ने छाता बीच में किया। दोनों के कंधे गीले हुए, दोनों हँसे। Aavya, पूरा सूखा रहना ज़रूरी नहीं। साथ भीगना भी एक तरह का बाँटना है।

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