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खोए हुए बछड़े की कहानी

रास्ता छूटे तो रुक जाओ। ढूँढना अकेले का काम नहीं।

अगलीशुभ रात्रि
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हाय Aavya। एक बछड़ा लंबी घास में चला गया। Aavya चिल्लाया और गोल-गोल दौड़ा। आवाज़ इधर-उधर बिखर गई, बछड़ा और दूर लगने लगा। क्यों? क्योंकि घबराहट दिशा नहीं दिखाती। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण रुके। उसका नाम पुकारो। यशोदा को बताओ। साथ में ढूँढो। बछड़ा एक झाड़ी के पास मिला, डरा हुआ नहीं, बस भूला हुआ। Aavya, अगर रास्ता छूटे तो रुक जाओ। किसी बड़े को बताओ। ढूँढना अकेले का काम नहीं।

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