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कृष्ण की बांसुरी

दोस्तों को बुलाने के लिए चिल्लाना ज़रूरी नहीं।

अगलीगोवर्धन
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हाय Aavya। मैदान में दोस्त दूर थे। Aavya ने ज़ोर से पुकारा। वे और दूर भागे। क्यों? क्योंकि चिल्लाहट मुसीबत जैसी लगती है। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण ने बाँसुरी उठाई। एक धीमी धुन निकली। गायें रुकीं। बच्चे दौड़कर पास आ गए। यमुना का किनारा शांत हो गया। कृष्ण बोले, छोटी आवाज़ भी बुला लेती है। Aavya ने अगली बार धीरे पुकारा। एक दोस्त मुड़ा। Aavya, जब कोई न आए, और ज़ोर मत करो। धीरे बुलाओ।

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