हाय Aavya। दिसंबर में पड़ोस वाली मैरी आंटी ने अपनी बालकनी में काग़ज़ का एक बड़ा तारा टाँगा। रात को वह लाल चमकता था, और Aavya को खिड़की से उसे देखना बहुत अच्छा लगता था। एक हवा वाली शाम, फ़ुर्र, तारा गली में गिर गया और उसका एक कोना फट गया। मैरी आंटी के बेटे सैम ने उसे उठाया, और उसकी आँखें भर आईं। कल तो क्रिसमस है, उसने कहा। Aavya अंदर भागा और गोंद और रंगीन काग़ज़ लेकर लौटा। दोनों ने मिलकर एक नया कोना चिपकाया, थोड़ा टेढ़ा, पर चमकीला। मैरी आंटी ने उसे फिर टाँगा और बत्ती जलाई। वह चमक उठा। उस रात उन्होंने Aavya के घर प्लम केक की प्लेट भेजी। अगली सुबह Aavya की माँ ने लड्डुओं का डिब्बा भेजा। Aavya, जब पड़ोसी त्योहार मनाते हैं, हम भी मना सकते हैं। दो दोस्तों का जोड़ा तारा और तेज़ चमकता है।
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त्योहार पर बच्चों को कौन सी कहानी सुनाएँ?
जो त्योहार पास है, उसी से शुरू करें। अक्टूबर में दुर्गा पूजा और दशहरा, फिर दिवाली और भाई दूज।
ये कहानियाँ क्या सिखाती हैं?
भीड़ में खो जाने पर रुकना, डर लगे तो हाथ पकड़ना, जानवरों से नरमी, बाँटना, और पड़ोसियों के त्योहार में शामिल होना।
क्या बच्चे का नाम कहीं सेव होता है?
नहीं। नाम सिर्फ इसी पेज की कहानी में दिखता है और आवाज़ बनाने के लिए जाता है। यह लिंक, कुकी या रिकॉर्ड में नहीं रहता।