हाय Aavya। सर्दी की रात एक आदमी महल के आँगन में खड़ा रहा, इनाम के लिए। आग दूर थी, वह कंबल माँग नहीं पाया। सुबह वह काँपते हुए बोला, मैंने सारी रात ठंड सही है, इनाम दीजिए। अकबर सोच में पड़ गए। क्यों फैसला मुश्किल था? क्योंकि दूर से देखने पर आदमी आग के पास लगा, और पास जाकर पता चला कि लौ उसके गाल तक नहीं पहुँची। बीरबल चुप रहे। दोपहर को उन्होंने एक कढ़ाई खिचड़ी की आग से बहुत ऊपर, एक लंबी रस्सी पर लटका दी। अकबर बोले, यह कैसे पकेगी। बीरबल बोले, जैसे वह आदमी दूर की आग से गर्म हुआ, हुज़ूर। खिचड़ी ठंडी रही। आदमी समझ गया। इनाम की बात वहीं रुक गई। Aavya, किसी काम को पास से देखो। तभी उसकी ठंड समझ आएगी।
2 / 8
कहानी पढ़ें
सारी कहानियाँ
अकबर बीरबल की कहानी हिंदी में कौन सी सुनें?
आगरा के कौवों से शुरू करें। फिर खिचड़ी, लंबी लकीर और कुएँ की कहानी। हर कहानी छोटी है, कक्षा 2 के बच्चे के लिए भी।
बीरबल की कहानियाँ किस उम्र के लिए हैं?
चार से आठ साल। बच्चा पास बैठे, और कहानी के आखिरी वाक्य तक रुके।
क्या बच्चे का नाम कहीं सेव होता है?
नहीं। नाम सिर्फ इसी पेज की कहानी में दिखता है और आवाज़ बनाने के लिए जाता है। यह लिंक, कुकी या रिकॉर्ड में नहीं रहता।